गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, पंतनगर में 10 से 13 अक्टूबर तक आयोजित हुआ 118वां Pantnagar Kisan Mela एवं कृषि उद्योग प्रदर्शनी इस बार कई मायनों में विशेष होने वाला है। उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) ने आज शुक्रवार दोपहर 2 बजे गांधी हॉल में आयोजित उद्घाटन समारोह में मेले का शुभारंभ करा। इस अवसर पर प्रदेश के कृषि मंत्री गणेश जोशी मुख्य अतिथि के रूप में रहे उपस्थित।
उद्घाटन समारोह के बाद राज्यपाल और कृषि मंत्री ने किया मेले का भ्रमण। इस वर्ष मेले में देशभर से रिकॉर्ड 400 से अधिक स्टॉल लगाए जा रहे हैं, जिनमें 200 से अधिक प्रमुख राष्ट्रीय कंपनियां और कई स्थानीय उद्यमी भाग लिया।

Pantnagar Kisan Mela में इस बार
कृषि यंत्र, बीज, उर्वरक, औषधीय पौधे, हस्तशिल्प, सौर ऊर्जा उपकरण, पशुपालन उत्पाद, तथा प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों का प्रदर्शन और बिक्री जोरो सोरो से हो रही हैं। किसानों और आम दर्शकों को आधुनिक कृषि तकनीक, उन्नत बीजों और टिकाऊ खेती के उपायों की जानकारी देने के लिए विश्वविद्यालय ने विशेष रूप से ‘स्मार्ट और डिजिटल कृषि’ थीम पर आधारित प्रदर्शनी तैयार की।
विश्वविद्यालय द्वारा विकसित नई फसलों की प्रजातियां, मशरूम चाय, और ‘श्रीअन्न से बने उत्पाद’ इस बार के प्रमुख आकर्षण रहेंगे। साथ ही, विद्यार्थियों द्वारा विकसित नवाचार और स्टार्टअप मॉडल भी प्रदर्शित किए जाएंगे, जो आधुनिक खेती में तकनीक की भूमिका को उजागर करेंगे।
डॉ. क्वात्रा ने बताया कि इस वर्ष मेला अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी खास रहेगा, क्योंकि विदेशी प्रतिनिधि दल और अतिथि भी मेले का भ्रमण करेंगे। इसके लिए विश्वविद्यालय परिसर में सीएबीएम भवन के सामने एक नया प्रदर्शनी क्षेत्र विकसित किया गया है। इस क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय उत्पादों और तकनीकी मॉडलों का प्रदर्शन होगा।
Pantnagar Kisan Mela के दौरान कृषि क्षेत्र से जुड़ी कई प्रतियोगिताएं, किसान गोष्ठियां और तकनीकी सत्र भी आयोजित होंगे। किसानों को नवीनतम कृषि उपकरणों और फसलों की जानकारी देने के लिए विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक प्रतिदिन संवाद सत्रों में शामिल होंगे।
गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय देश के अग्रणी कृषि शिक्षण संस्थानों में से एक है। यहां आयोजित होने वाला यह किसान मेला देशभर के किसानों, कृषि वैज्ञानिकों, और उद्योग जगत के विशेषज्ञों के लिए एक साझा मंच प्रदान करता है, जहां कृषि क्षेत्र में हो रहे नवाचारों का आदान-प्रदान होता है।
इस बार विश्वविद्यालय प्रशासन ने मेले को अधिक आकर्षक, आधुनिक और उपयोगी बनाने की दिशा में कई नए प्रयास किए हैं। किसानों, छात्रों और दर्शकों को उम्मीद है कि यह 118वां किसान मेला कृषि नवाचार और तकनीकी प्रगति का एक नया अध्याय लिखेगा।
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