वार्ड-1 स्थित Fullsunga Road और इससे जुड़ी स्वास्तिक एन्क्लेव कॉलोनी की सड़कें बुरी तरह से टूट चुकी हैं। सड़क की ऊपरी परत उखड़ गई है, जिससे जगह-जगह गहरे गड्ढे बन गए हैं। निवासियों का कहना है कि सड़क निर्माण के कई साल बाद भी इसकी मरम्मत नहीं हुई है।
- गड्डों में पानी: बारिश के मौसम में ये गड्ढे पूरी तरह से पानी से भर जाते हैं, जिससे उनका अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है। राहगीरों का कहना है कि बरसात में सड़क दलदल जैसी हो जाती है और कीचड़ से गुजरना मुश्किल हो जाता है। जलभराव के कारण वाहन पलटने का खतरा बना रहता है।
- दुर्घटनाएं बढ़ीं: स्थानीय लोगों के अनुसार, खराब सड़क की वजह से आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। कई बार राहगीर और वाहन चालक गड्ढों में गिरकर घायल हो चुके हैं। खासतौर पर छोटे वाहनों (जैसे: स्कूटी, बाइक) के पहिये बार-बार गड्ढों में फंस जाते हैं।
- व्यवसाय प्रभावित: दुकानदारों का कहना है कि सड़कों पर जमी धूल और कचरा ग्राहकों के लिए असुविधा का कारण बनता है, जिससे व्यापार भी प्रभावित हो रहा है।
- कच्ची सड़कें: स्वास्तिक एन्क्लेव की आंतरिक सड़कें कच्ची और टूटी-फूटी हैं। गर्मी में धूल उड़ती है और बरसात में कीचड़ जमा होता है, जिससे लोगों को हर मौसम में परेशानी झेलनी पड़ती है।
निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि इन गड्ढों को केवल भरने के बजाय, पूरी सड़क को उखाड़कर नई सीमेंट-कंक्रीट सड़क तैयार की जाए।
अंधेरे में डूबा रास्ता: असुरक्षित आवागमन
सड़क की जर्जर स्थिति के साथ ही प्रकाश व्यवस्था का अभाव भी एक बड़ी समस्या है। स्ट्रीट लाइटें लंबे समय से खराब पड़ी हैं, जिसके कारण रात में पूरे मार्ग पर अंधेरा छाया रहता है।
- सुरक्षा का खतरा: अंधेरे के कारण न केवल आवागमन में दिक्कत आती है, बल्कि सुरक्षा का खतरा भी बढ़ जाता है। निवासियों ने बताया कि अंधेरे में गड्ढे दिखाई नहीं देते और दुर्घटनाएं हो जाती हैं।
- महिलाओं को डर: महिलाओं और विद्यार्थियों को शाम के बाद घर लौटने में डर महसूस होता है।
- दुकानदारों का नुकसान: दुकानदारों का कहना है कि अंधेरे के कारण ग्राहक शाम को बाजार निकलना कम कर देते हैं, जिससे उनका व्यवसाय प्रभावित होता है।
लोगों ने प्रशासन से पूरे मार्ग पर नई एलईडी स्ट्रीट लाइटें लगाने और पुरानी लाइटों का नियमित रखरखाव करने की मांग की है।
बदहाल सफाई और जल निकासी: गंदगी से फैल रहा संक्रमण
Fullsunga Road क्षेत्र में सफाई व्यवस्था की स्थिति संतोषजनक नहीं है। कॉलोनी और मुख्य मार्ग दोनों ही जगह नियमित सफाई न होने से गंदगी फैल रही है।
- कचरे के ढेर: सड़कों के किनारे कचरे के ढेर जमा रहते हैं, और सफाई वाहन कई हफ्तों तक नहीं आता, जिससे कचरा खुले में सड़ने लगता है।
- दुर्गंध: इस गंदगी से उठने वाली दुर्गंध से राहगीरों को परेशानी होती है और वातावरण अस्वच्छ हो जाता है।
- बीमारियों का खतरा: खुले में कचरा सड़ने से संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ता है।
- अधूरी नालियां: सड़कों के किनारे नालियां अधूरी पड़ी हैं, जिससे बरसात का पानी बह नहीं पाता और सड़कों पर जमा हो जाता है। इस जलभराव के कारण घरों के दरवाजों तक गंदा पानी पहुंच जाता है और सड़कों के नीचे की मिट्टी भी कमजोर होने लगती है, जिससे सड़क धंसने की आशंका बढ़ जाती है। कई स्थानों पर सीवरेज का गंदा पानी भी सड़कों पर बहने लगता है।
निवासियों ने नगर निगम से डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण शुरू कराने, सफाई कर्मचारियों की उपस्थिति दर्ज कराने और प्राथमिकता के आधार पर नालियों का निर्माण कराने की मांग की है।
प्रशासन से अपील और आश्वासन
स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से अनुरोध किया है कि सड़क, नाली और स्ट्रीट लाइट तीनों का सुधार एक साथ किया जाए, ताकि यह समस्या का स्थायी समाधान हो सके।
इस संबंध में, विधायक Fullsunga Road की बदहाली पर संज्ञान लेते हुए जांच कराने और समस्या का समाधान कराने का आश्वासन दिया है। वहीं, मेयर ने भी Fullsunga Road की जांच कराने और जल्द समस्या के समाधान का भरोसा दिलाया है।
निवासियों का कहना है कि जब तक सड़क दुरुस्त नहीं होगी, तब तक उनकी परेशानी कम नहीं होगी। अब देखना यह है कि प्रशासन कब इन आश्वासनों को कार्रवाई में बदलकर लोगों को इस नारकीय जीवन से मुक्ति दिलाता है।
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