2025 का सबसे बड़ा चंद्र ग्रहण आज रात, उत्तराखंड में दिखेगा ‘ब्लड मून’ का नजारा

2025 का सबसे बड़ा चंद्र ग्रहण

पूर्ण चंद्र ग्रहण (Total Lunar Eclipse) रात 9:58 बजे से शुरू होगा

देहरादून, 7 सितंबर 2025 – आज रात साल 2025 का सबसे बड़ा और अंतिम पूर्ण चंद्र ग्रहण (Total Lunar Eclipse) लगने जा रहा है, जो उत्तराखंड समेत पूरे भारत में स्पष्ट रूप से दिखाई देगा। यह दुर्लभ खगोलीय घटना रात 9 बजकर 58 मिनट पर शुरू होकर 8 सितंबर की अर्धरात्रि 1 बजकर 26 मिनट तक चलेगी।

ब्लड मून का अद्भुत नजारा

इस चंद्र ग्रहण को भारत के सभी हिस्सों में साफ आसमान होने पर आसानी से देखा जा सकेगा। खासकर उत्तराखंड जैसे पर्वतीय क्षेत्रों में, जहाँ प्रदूषण और रोशनी की समस्या कम होती है, वहाँ यह दृश्य और भी शानदार होगा।
इस बार चंद्रमा लगभग 82 मिनट तक पूरी तरह पृथ्वी की छाया में रहेगा, यानी लोग डेढ़ घंटे तक ब्लड मून का अद्भुत नजारा देख पाएंगे।Lunar Eclipse
इस पूर्ण चंद्र ग्रहण के दौरान चांद सुर्ख लाल रंग का दिखाई देगा, जिसे ‘ब्लड मून’ कहते हैं। यह प्राकृतिक घटना तब होती है जब पृथ्वी, चांद और सूरज एक सीधी रेखा में आ जाते हैं, तब चंद्र ग्रहण लगता है। सरल शब्दों में कहें तो पृथ्वी की छाया चंद्रमा पर पड़ती है।
चंद्र ग्रहण
 

ग्रहण की पूरी समयसारणी:

  • ग्रहण प्रारंभ: 7 सितंबर रात 9:58 बजे
  • पूर्ण ग्रहण: रात 11:30 बजे से 12:45 बजे तक
  • ग्रहण समाप्ति: 8 सितंबर रात 1:26 बजे
  • कुल अवधि: 3 घंटे 28 मिनट

उत्तराखंड में कैसे देखें

उत्तराखंड में देहरादून, ऋषिकेश, हरिद्वार, अल्मोड़ा, नैनीताल और मसूरी जैसे शहरों में साफ और खुला आसमान चंद्र ग्रहण को और भी आकर्षक बना देगा। यहाँ पर्वतीय इलाकों में कृत्रिम रोशनी और प्रदूषण अपेक्षाकृत कम है, इसलिए चाँद का लालिमा भरा रूप बेहद मनमोहक लगेगा।
उत्तराखंड के निवासी इस अद्भुत नजारे (Total Lunar Eclipse) को देखने के लिए निम्नलिखित बातों का ध्यान रखें:

सर्वोत्तम स्थान:

  • खुले आसमान वाली जगहें जहां पूर्व दिशा साफ दिखे
  • पहाड़ी इलाकों में ऊंचाई वाली जगहें
  • शहरी प्रकाश से दूर के क्षेत्र

देखने का तरीका:

  • नंगी आंखों से सुरक्षित रूप से देख सकते हैं
  • दूरबीन या टेलीस्कोप से बेहतर दृश्य मिलेगा
  • कैमरे में कैप्चर करने के लिए ट्राइपॉड का उपयोग करें

Lunar Eclipse

धार्मिक और ज्योतिषीय महत्व

सूतक काल

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, ग्रहण का सूतक काल दोपहर 12:19 बजे से शुरू हो चुका है। इस दौरान निम्नलिखित बातों का ध्यान रखना चाहिए:
  • भोजन करना वर्जित माना जाता है
  • धार्मिक कार्य स्थगित करना चाहिए
  • तुलसी और अन्य पवित्र पौधों में दूब डालें
  • ग्रहण के बाद स्नान करना शुभ माना जाता है

पितृपक्ष का प्रभाव

यह चंद्र ग्रहण पितृपक्ष के दौरान लग रहा है, जिसका धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व है। श्राद्ध कर्म पर इसका प्रभाव पड़ सकता है।

वैज्ञानिक दृष्टिकोण

खगोल वैज्ञानिकों के अनुसार यह एक पूर्णतया प्राकृतिक घटना है जिसका मानव जीवन पर कोई हानिकारक प्रभाव नहीं होता। यह एक दुर्लभ अवसर है प्रकृति की इस अद्भुत कृति को देखने का।

मुख्य विशेषताएं:

  • यह साल 2025 का दूसरा और अंतिम चंद्र ग्रहण है
  • भारत के सभी हिस्सों में दिखाई देगा
  • अगला इतना बड़ा चंद्र ग्रहण 2026 में होगा

सुरक्षा सुझाव

  • चंद्र ग्रहण को देखना पूर्णतया सुरक्षित है
  • किसी विशेष चश्मे की आवश्यकता नहीं
  • रात के समय बाहर जाते समय सावधानी बरतें
  • बच्चों के साथ रहें यदि वे ग्रहण देखना चाहें

निष्कर्ष

7-8 सितंबर 2025 का चंद्र ग्रहण भारत और खासकर उत्तराखंड के लिए एक यादगार खगोलीय घटना बनने वाला है। लगभग डेढ़ घंटे तक लोग लालिमा लिए चाँद को निहार सकेंगे। जहाँ एक ओर यह वैज्ञानिक दृष्टि से रोमांचक अनुभव है, वहीं धार्मिक मान्यताओं के कारण लोग इसे आध्यात्मिक दृष्टिकोण से भी देखेंगे।
इस रात उत्तराखंड के आसमान में “खून का चाँद” नज़र आएगा और प्रकृति अपने रहस्यमय स्वरूप से सभी को मंत्रमुग्ध कर देगी।

दिनांक: 7 सितंबर 2025
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