देहरादून में बादल फटने से जबरदस्त तबाही मची है। सोमवार देर रात हुई भारी बारिश और देहरादून बाढ़ 2025 ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। कई मजदूर बह गए, घरों में पानी भर गया और कई इलाकों में सड़कें व पुल क्षतिग्रस्त हो गए। इस प्राकृतिक आपदा ने पूरे उत्तराखंड को हिला दिया है।
पीएम और गृह मंत्री ने ली आपदा की जानकारी
देहरादून में मचे हाहाकार के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से फ़ोन पर बातचीत कर आपदा की स्थिति की विस्तृत जानकारी ली। दोनों नेताओं ने राज्य को हर संभव मदद का भरोसा दिया और कहा कि केंद्र सरकार इस उत्तराखंड आपदा की कठिन घड़ी में उत्तराखंड के साथ मजबूती से खड़ी है।
मुख्यमंत्री धामी ने केंद्र सरकार का आभार जताते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन और सहयोग से राहत और बचाव कार्य और तेज़ी से संचालित हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासनिक तंत्र पूरी सक्रियता से जुटा है और युद्धस्तर पर बचाव अभियान चलाए जा रहे हैं।

सीएम धामी का स्थलीय निरीक्षण
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को प्रभावित इलाकों का दौरा किया और ज़मीनी हालात का जायज़ा लिया। इस दौरान उनके साथ स्थानीय विधायक और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। सीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी परिवार को असुविधा न हो और प्रभावित लोगों तक तुरंत राहत सामग्री, भोजन, पानी और सुरक्षित ठहराव की व्यवस्था पहुँचाई जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदेश सरकार, देहरादून आपदा से प्रभावित हर परिवार के साथ खड़ी है और ज़रूरत पड़ने पर अतिरिक्त संसाधन भी उपलब्ध कराए जाएंगे।
प्रेमनगर में बड़ा हादसा, मजदूर बह गए
प्रेमनगर क्षेत्र में टॉस नदी उफान पर आने से दस मजदूर बह गए। अब तक छह मजदूरों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई लापता बताए जा रहे हैं। वहीं, सहस्त्रधारा में भी एक शव बरामद हुआ है। प्रशासन ने राहत कार्यों को तेज़ कर दिया है और एनडीआरएफ-एसडीआरएफ की टीमें लगातार मौके पर जुटी हुई हैं।
देवभूमि इंस्टिट्यूट में फंसे 200 छात्र सुरक्षित निकाले गए
देहरादून के पौंधा क्षेत्र स्थित देवभूमि इंस्टिट्यूट परिसर में पानी भरने से लगभग 200 छात्र-छात्राएं फंस गए थे। सूचना मिलते ही एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुँची और सूझबूझ के साथ रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। टीम ने सभी विद्यार्थियों को सुरक्षित निकालकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया।
कई जगहों पर जनहानि और हादसे
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गुच्चूपानी में बाढ़ के मलबे में एक स्कूटी दब गई।
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टपकेश्वर मंदिर क्षेत्र के पास शिखर फॉल में चार लोगों के बहने की खबर है।
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विकासनगर में पहाड़ी से गिरे पत्थर की चपेट में आने से एक स्कूटर सवार की मौत हो गई और दूसरा घायल हो गया।
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देवप्रयाग में भारी भूस्खलन से बस अड्डे और रघुनाथ मंदिर के पीछे बने कमरे ढह गए। बद्रीनाथ-ऋषिकेश हाईवे बंद हो गया है और पेट्रोल पंपों को भी नुकसान पहुंचा है।
मसूरी और डोईवाला भी प्रभावित
मसूरी के झड़ीपानी टोल पर मलबा गिरने से दो मजदूर दब गए। इनमें से एक की मौत हो गई, जबकि दूसरा घायल है। उधर, डोईवाला क्षेत्र में घरों के भीतर पानी घुस गया। चंद्रभागा नदी में फंसे तीन लोगों को एसडीआरएफ ने सुरक्षित निकाला। वहीं, करलिगाड़ क्षेत्र में दो लोग लापता बताए जा रहे हैं।
प्रशासन अलर्ट, राहत कार्य जारी
जिलाधिकारी सविन बंसल और एसडीएम कुमकुम जोशी राहत कार्यों की कमान संभाले हुए हैं। एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, पुलिस और लोनिवि की टीमें लगातार प्रभावित इलाकों में तैनात हैं। कई मार्गों पर यातायात डायवर्ट किया गया है ताकि फंसे हुए लोगों तक तुरंत मदद पहुंचाई जा सके।

मौसम विभाग का अलर्ट
मौसम विभाग ने 21 सितंबर तक देहरादून, चमोली, चंपावत, ऊधमसिंह नगर, बागेश्वर और नैनीताल समेत कई जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक हालात और गंभीर हो सकते हैं, ऐसे में लोगों को सतर्क रहने की अपील की गई है।
❓ देहरादून आपदा से जुड़े FAQs
प्रश्न 1: देहरादून में बादल फटने की घटना कब हुई?
उत्तर: यह घटना 16 सितंबर 2025 की रात को हुई।
प्रश्न 2: इस आपदा में कितनी मौतें हुई हैं?
उत्तर: अब तक 6 मजदूरों की मौत और कई लापता होने की पुष्टि हुई है।
प्रश्न 3: रेस्क्यू ऑपरेशन कौन चला रहा है?
उत्तर: एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस और स्थानीय प्रशासन लगातार राहत कार्य में जुटे हैं।
प्रश्न 4: क्या पीएम मोदी ने मदद का वादा किया है?
उत्तर: हाँ, पीएम मोदी और अमित शाह ने सीएम धामी से बातचीत कर हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया है।
प्रश्न 5: मौसम विभाग का आगे का अलर्ट क्या है?
उत्तर: मौसम विभाग ने 21 सितंबर तक भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है।
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