पंतनगर विश्वविद्यालय का 37 वां दीक्षा समारोह, पीएम मोदी के शामिल होने की चर्चा में तैयारियां तेज

Pantnagar University Convocation

पंतनगर, कhabarTop । गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय (GB Pant University) पंतनगर का 37वां दीक्षांत समारोह (Pantnagar University Convocation) नवंबर में आयोजित होने जा रहा है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस समारोह की तैयारियां जोरो शोरो से शुरू कर दी हैं। बताया जा रहा है कि इस बार समारोह विशेष रूप से भव्य होने वाला है। चर्चा यह भी है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इस दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हो सकते हैं। हालांकि अभी आधिकारिक रूप से प्रधानमंत्री की उपस्थिति की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन इस संभावना को ध्यान में रखते हुए तैयारियों को उच्च स्तर पर अंजाम देने में जुट गया है।

Pantnagar University Convocation

विश्वविद्यालय के कुलसचिव कार्यालय की ओर से जारी पत्र के अनुसार, दीक्षा समारोह की तैयारियां प्रारंभ कर दी गई हैं। इस कार्यक्रम को विश्वविद्यालय के गौरव और प्रतिष्ठा से जुड़ा एक महत्वपूर्ण आयोजन बताते हुए सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं कि समारोह की समाप्ति तक कोई भी अवकाश नहीं लिया जाएगा। कुलसचिव डॉ. दीपा विनय ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि केवल विशेष परिस्थितियों में ही किसी कर्मचारी या अधिकारी को अवकाश दिया जाएगा, वह भी अधोहस्ताक्षरी से अनुमति प्राप्त करने के बाद ही स्वीकृत होगा।

सूत्रों के अनुसार, इस बार का Pantnagar University Convocation पहले से कहीं अधिक आकर्षक और सुव्यवस्थित तरीके से आयोजित किया जाएगा। सभी संकायों और विभागों को तैयारियों के निर्देश दिए जा चुके हैं। विश्वविद्यालय परिसर में सफाई, सजावट, तकनीकी व्यवस्थाओं, अतिथि स्वागत और सुरक्षा इंतज़ामों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। समारोह को लेकर विभागीय बैठकों का सिलसिला भी शुरू हो गया है।

विश्वविद्यालय प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, दीक्षा समारोह की संभावित तिथि तय करने के लिए मंथन जारी है। जल्द ही अंतिम तिथि की घोषणा की जाएगी। प्रधानमंत्री कार्यालय से कार्यक्रम की पुष्टि मिलते ही समारोह की रूपरेखा को अंतिम रूप दिया जाएगा।

बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री मोदी के शामिल होने की संभावना को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है। स्थानीय प्रशासन और विश्वविद्यालय सुरक्षा प्रकोष्ठ के बीच समन्वय बढ़ाया जा रहा है। अगर प्रधानमंत्री कार्यक्रम में शामिल होते हैं तो यह उत्तराखंड और विश्वविद्यालय दोनों के लिए एक ऐतिहासिक क्षण होगा।

गौरतलब है कि गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय देश का पहला कृषि विश्वविद्यालय है, जिसकी स्थापना 1960 में की गई थी। इसे भारत में हरित क्रांति की जननी कहा जाता है। विश्वविद्यालय ने देश को कृषि अनुसंधान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नई दिशा दी है। ऐसे में इसका हर दीक्षांत समारोह केवल एक शैक्षणिक आयोजन नहीं, बल्कि कृषि शिक्षा की प्रगति का प्रतीक बन चुका है।

इस बार के समारोह में सैकड़ों विद्यार्थियों को डिग्री और मेडल प्रदान किए जाएंगे। साथ ही, शोध कार्यों और नवाचारों के लिए भी पुरस्कार वितरण किया जाएगा। विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि समारोह का उद्देश्य न केवल छात्रों को सम्मानित करना है, बल्कि उन्हें समाज और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने के लिए प्रेरित करना भी है।

फिलहाल, विश्वविद्यालय में तैयारियों का माहौल चरम पर है। सभी अधिकारी और कर्मचारी अपनी जिम्मेदारियों में जुटे हैं। छात्र भी इस ऐतिहासिक अवसर का बेसब्री से इंतज़ार कर रहे हैं। यदि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कार्यक्रम में शामिल होते हैं, तो यह विश्वविद्यालय के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज होने वाला क्षण होगा।

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