POCSO Act और बाल सुरक्षा पर गोविंद बल्लभ पंत विश्वविद्यालय के छात्रों ने चलाया जागरूकता अभियान

POCSO Act

पंतनगर। गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के सामुदायिक विज्ञान महाविद्यालय के अंतिम वर्ष के छात्र-छात्राओं ने रुद्रपुर जिले के दुर्गापुर-2 स्थित SDSN इंटर कॉलेज में बच्चों के बीच POCSO Act (Protection of Children from Sexual Offences Act) और बाल सुरक्षा पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर सराहनीय पहल की है।

POCSO Act

छात्रों के कार्यक्रम का उद्देश्य और गतिविधियाँ

इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यालय स्तर पर बच्चों में आत्मविश्वास, सुरक्षा जागरूकता और सामाजिक संवेदनशीलता को बढ़ाना था। यह अभियान कक्षा 8वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों को ध्यान में रखकर चलाया गया था। इस दौरान विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने न केवल पॉक्सो एक्ट के कानूनी पहलुओं के बारे में जानकारी दी, बल्कि व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से बच्चों को यह भी बताया कि वे किसी अनुचित व्यवहार या परिस्थिति में किस प्रकार अपनी सुरक्षा कर सकते हैं।

बच्चों को गुड-टच और बैड-टच के बारे में बताया गया इसके अलावा छात्र-छात्राओं ने यह समझाया कि हर बच्चे को यह जानना जरूरी है कि उनके साथ कब कोई असहज या गलत व्यवहार किया जा रहा है। उन्हें बाल सहायता हेल्पलाइन नंबर (1098), महिला हेल्पलाइन नंबर (1091) और पुलिस संपर्क नंबर (112) की जानकारी दी गई, ताकि आवश्यकता पड़ने पर वे बिना झिझक सहायता ले सकें।

POCSO Act: विश्वविद्यालय के शिक्षकों की अहम भूमिका

कार्यक्रम का संचालन अधिष्ठात्री डॉ. अल्का गोयल और सहायक प्राध्यापिका डॉ. पूजा टम्टा के निर्देशन में किया गया। दोनों शिक्षिकाओं ने छात्रों को पूरे अभियान के दौरान मार्गदर्शन प्रदान किया। डॉ. अल्का गोयल ने कहा कि इस प्रकार के प्रयास न केवल बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ाते हैं, बल्कि समाज में जागरूकता फैलाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

डॉ. पूजा टम्टा ने बताया कि सामुदायिक विज्ञान महाविद्यालय हमेशा से समाज के प्रति उत्तरदायित्व निभाने की दिशा में कार्यरत है। यह कार्यक्रम भी उसी श्रृंखला का हिस्सा है, जिसके माध्यम से छात्र-छात्राएँ वास्तविक जीवन के सामाजिक मुद्दों से रूबरू होते हैं और उन्हें हल करने के प्रयास करते हैं।

POCSO

कार्यक्रम के अंत में विद्यालय प्रशासन ने विश्वविद्यालय के छात्रों और शिक्षकों का धन्यवाद किया। सभी ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे अभियान समाज में बच्चों की सुरक्षा और अधिकारों को लेकर एक सकारात्मक वातावरण तैयार करते हैं।

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